माननीय झारखंड हाई कोर्ट का फैसला यह साबित करता है कि राज्य की वर्तमान सरकार बिना सोचे-समझे नीतियां बनाती है।
JPSC परीक्षाओं में धांधली की सीबीआई (CBI) जांच से बचने के लिए सरकार ने सीधे परीक्षाओं को ही रद्द करने का असंवेदनशील कदम उठाया था!!
जो छात्र हक और पारदर्शिता की लड़ाई लड़ रहे थे, उनका आंदोलन भले ही अस्थाई रूप से समाप्त हुआ हो,लेकिन युवाओं के साथ हुआ अन्याय अभी खत्म नहीं हुआ है!
हम मांग करते हैं कि परीक्षाओं में पारदर्शिता लाने के लिए ठोस कदम उठाए जाएं,पेपर लीक के असली दोषियों को सलाखों के पीछे भेजा जाए और छात्रों के भविष्य को सुरक्षित किया जाए!!
मेरी मांग स्पष्ट है,परीक्षाओं में धांधली की तुरंत CBI जांच हो और योग्य छात्रों को उनका हक मिले!!








