नशामुक्त समाज निर्माण में शिक्षकों की भूमिका अहम, जागरूकता कार्यशाला आयोजित
निजाम खान
जामताड़ा: झारखंड शिक्षा परियोजना के तत्वावधान में एसजीएसवाई प्रशिक्षण भवन सभागार में निषिद्ध मादक पदार्थों की रोकथाम एवं जागरूकता को लेकर एक दिवसीय जिला स्तरीय कार्यशाला का आयोजन किया गया। कार्यक्रम का शुभारंभ उपायुक्त आलोक कुमार एवं अन्य अधिकारियों ने दीप प्रज्ज्वलित कर किया।
कार्यशाला को संबोधित करते हुए उपायुक्त ने कहा कि मादक पदार्थों का सेवन केवल व्यक्तिगत समस्या नहीं, बल्कि समाज और परिवार को प्रभावित करने वाली गंभीर चुनौती है। उन्होंने कहा कि नशे की लत युवाओं की क्षमता, सपनों और भविष्य को प्रभावित करती है। नशामुक्त समाज के निर्माण के लिए सामूहिक प्रयास आवश्यक हैं।
उन्होंने शिक्षकों से आह्वान किया कि वे केवल पाठ्यक्रम पूरा करने तक सीमित न रहें, बल्कि विद्यार्थियों को नशे और अन्य गलत आदतों से बचाने के लिए भी प्रेरित करें। बच्चों के सर्वांगीण और नैतिक विकास में विद्यालय तथा शिक्षकों की भूमिका सबसे महत्वपूर्ण है।
कार्यशाला में नशे के दुष्प्रभाव, उसकी पहचान और रोकथाम के उपायों पर मास्टर ट्रेनरों द्वारा विस्तृत प्रशिक्षण दिया गया। इस दौरान उपस्थित सभी प्रतिभागियों को “नशामुक्त भारत अभियान” के तहत जामताड़ा को नशामुक्त बनाने की शपथ दिलाई गई।
कार्यक्रम में परियोजना निदेशक आईटीडीए जुगनू मिंज, जिला शिक्षा पदाधिकारी चार्ल्स हेंब्रम, प्रखंड शिक्षा प्रसार पदाधिकारी, एपीओ एवं अन्य संबंधित अधिकारी उपस्थित थे।








