खाद्य आपूर्ति की बदहाल व्यवस्था पर डीलरों में आक्रोश, आंदोलन की चेतावनी
जामताड़ा: झारखंड राज्य में खाद्य आपूर्ति विभाग की कार्यप्रणाली और खाद्यान्न वितरण व्यवस्था को लेकर फेयर प्राइस शॉप डीलर एसोसिएशन, झारखंड प्रदेश कमेटी ने गहरा असंतोष जताया है। प्रदेश स्तर पर आयोजित वर्चुअल बैठक में सभी जिलों के जिला अध्यक्षों और प्रतिनिधियों ने वितरण व्यवस्था में लगातार आ रही समस्याओं पर चिंता व्यक्त की।
बैठक में बताया गया कि गेहूं, चावल, धोती-साड़ी, नमक और चना दाल के वितरण में लगातार तकनीकी बाधाएं उत्पन्न हो रही हैं। ई-केवाईसी, सर्वर और नेटवर्क की समस्या के कारण डीलरों के साथ-साथ लाभुकों को भी भारी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। तकनीकी जानकारी के अभाव में स्थानीय अधिकारियों द्वारा डीलरों पर खाद्यान्न वितरण और ई-केवाईसी का लक्ष्य पूरा करने का दबाव बनाया जा रहा है।
एसोसिएशन ने आरोप लगाया कि पूरे प्रदेश, विशेषकर जामताड़ा जिले में, पिछले एक वर्ष से डीलरों का कमीशन बकाया है। इसके अलावा कोरोना काल में वितरित खाद्यान्न का कमीशन भी अब तक नहीं मिला है। संगठन का कहना है कि विभाग को कई बार ज्ञापन सौंपने और आश्वासन मिलने के बावजूद समस्याओं का समाधान नहीं हुआ।
डीलरों ने सरकार से बकाया कमीशन का तत्काल भुगतान, कोरोना काल के लंबित कमीशन का निपटारा तथा सर्वर और तकनीकी समस्याओं का स्थायी समाधान करने की मांग की है। उनका कहना है कि समय पर कमीशन नहीं मिलने से वे आर्थिक और मानसिक परेशानी झेल रहे हैं। मांगें पूरी नहीं होने पर डीलरों ने धरना-प्रदर्शन और आंदोलन की चेतावनी दी है।








