जामताड़ा: पशुपालन, गव्य विकास एवं मत्स्य विभाग की योजनाओं के पारदर्शी क्रियान्वयन पर जोर
जामताड़ा। उपायुक्त सह जिला दंडाधिकारी आलोक कुमार की अध्यक्षता में मंगलवार को समाहरणालय कार्यालय प्रकोष्ठ में पशुपालन, गव्य विकास एवं मत्स्य विभाग की मासिक समीक्षा बैठक आयोजित हुई। बैठक में विभागवार संचालित योजनाओं की प्रगति, वार्षिक लक्ष्य, प्राप्त आवेदनों, लाभुक चयन प्रक्रिया तथा योजनाओं के क्रियान्वयन की विस्तार से समीक्षा की गई।
समीक्षा के दौरान उपायुक्त ने सुकर विकास, बकरा विकास, कुक्कुट एवं ब्रायलर पालन, दुधारू गाय योजना, डीप बोरिंग, वर्मी कंपोस्ट, पशु बीमा, चैफ कटर, पनीर एवं खोवा यूनिट जैसी योजनाओं की प्रगति की जानकारी ली। उन्होंने लाभुकों को दिए गए पशुधन की मोर्टिलिटी दर और बीमा लाभ की स्थिति की भी समीक्षा की। मत्स्य विभाग की योजनाओं में मत्स्य बीज उत्पादन, वितरण, विपणन, पिकअप वैन, विपणन किट, सरकारी तालाबों की बंदोबस्ती एवं जीर्णोद्धार सहित अन्य कार्यों की भी समीक्षा की गई।
बैठक में उपायुक्त ने निर्देश दिया कि लाभुकों का चयन पूरी तरह विभागीय दिशा-निर्देशों के अनुरूप, पारदर्शी एवं निष्पक्ष तरीके से किया जाए। उन्होंने विभागवार प्राप्त लक्ष्यों को पंचायत एवं जनसंख्या के आधार पर प्रखंड स्तर पर वितरित करने को कहा, ताकि अधिक से अधिक पात्र लाभुकों को योजनाओं का लाभ मिल सके। साथ ही योजनाओं के प्रभावी क्रियान्वयन में किसी भी प्रकार की लापरवाही पर सख्त कार्रवाई की चेतावनी दी।








