छह माह से मानदेय नहीं मिलने से जीआरएस आर्थिक संकट में, सरकार से जल्द भुगतान की मांग
जामताड़ा: मनरेगा कर्मचारी संघ के कुंडहित प्रखंड अध्यक्ष मिजानुल हक ने कहा कि बीते छह माह से ग्राम रोजगार सेवकों (जीआरएस) को मानदेय का भुगतान नहीं किया गया है। इसके कारण सभी जीआरएस गंभीर आर्थिक संकट से जूझ रहे हैं। उन्होंने कहा कि नियमित रूप से कार्य करने के बावजूद मानदेय नहीं मिलने से कर्मचारियों के सामने परिवार का भरण-पोषण करना मुश्किल हो गया है।
मिजानुल हक ने बताया कि लंबे समय से भुगतान लंबित रहने के कारण कई कर्मचारियों को बच्चों की पढ़ाई, घर का खर्च और अन्य जरूरी जरूरतों को पूरा करने में कठिनाइयों का सामना करना पड़ रहा है। उन्होंने कहा कि मनरेगा की योजनाओं के सफल क्रियान्वयन में जीआरएस की महत्वपूर्ण भूमिका होती है, लेकिन इसके बावजूद उनकी समस्याओं की ओर ध्यान नहीं दिया जा रहा है।
उन्होंने सरकार और संबंधित विभाग से मांग की कि लंबित छह माह का मानदेय अविलंब जारी किया जाए, ताकि कर्मचारियों को आर्थिक राहत मिल सके। उन्होंने उम्मीद जताई कि प्रशासन कर्मचारियों की समस्याओं को गंभीरता से लेते हुए शीघ्र सकारात्मक कदम उठाएगा।








