दुमका में मादक पदार्थों की तस्करी और इसके बढ़ते दुरुपयोग पर रोक लगाने को लेकर जिला प्रशासन ने कार्रवाई तेज करने के निर्देश दिए हैं। उपायुक्त अभिजीत सिन्हा की अध्यक्षता में जिला NCORD समिति की बैठक में जिले में नशीले पदार्थों की स्थिति, तस्करी नेटवर्क और रोकथाम की रणनीति की समीक्षा की गई।
बैठक में सक्रिय ड्रग नेटवर्क की पहचान कर उसके स्रोत, बिचौलियों और वितरण चैनलों तक पहुंचने तथा पूरे नेटवर्क को लक्षित कर कार्रवाई करने का निर्देश दिया गया। होटल, रेस्टोरेंट, बाजार और सार्वजनिक स्थानों पर भी विशेष जांच अभियान चलाने को कहा गया।
अवैध अफीम की खेती पर भी प्रशासन की नजर रहेगी। अंचल अधिकारियों और थाना प्रभारियों को अपने-अपने क्षेत्रों में सूचना तंत्र मजबूत कर अवैध खेती की पहचान और उसके विनष्टीकरण की कार्रवाई सुनिश्चित करने का निर्देश दिया गया।
स्कूल और कॉलेजों के 500 मीटर के दायरे को ड्रग-फ्री जोन के रूप में प्रभावी बनाने पर भी जोर दिया गया। शैक्षणिक संस्थानों में जागरूकता कार्यक्रम और स्वैच्छिक स्वास्थ्य जांच आयोजित करने के साथ जरूरतमंद छात्रों की काउंसलिंग और पुनर्वास के लिए रेफरल व्यवस्था विकसित करने का निर्णय लिया गया।
इसके अलावा जेलों से संचालित होने वाले ड्रग नेटवर्क पर नियंत्रण और बंदियों की गतिविधियों की निगरानी मजबूत करने का निर्देश दिया गया। प्रशासन का जोर तस्करी पर कार्रवाई के साथ-साथ नशे की मांग कम करने और युवाओं को इसके दुष्प्रभावों से बचाने पर भी रहेगा।









