बारिश बनी आफत: भैयाडीह में मिट्टी का मकान ढहा,मलबे में दबा 20 वर्षीय युवक,ग्रामीणों की तत्परता से बची जान,हजारों कि हुई नुकसान,परिवार में टूटा दुख का पहाड़।
नारायणपुर (जामताड़ा) बुधवार की बारिश भयाडीह निवासी सुखदेव तुरी पिता स्वर्गीय रामानंद तुरी के परिवार पर कहर बनकर टूटी।बारिश के बीच उनका मिट्टी का खपरैल मकान अचानक भरभराकर ढह गया। हादसे के समय परिवार के सदस्य घर में सो रहे थे। मकान गिरने की जोरदार आवाज से आसपास के लोग दौड़े और मलबे में दबे सुखदेव तुरी के 20 वर्षीय पुत्र हीमेश तुरी को किसी तरह बाहर निकाला।हादसे में उसके हाथ और सिर पर चोट लगी।परिवार की बसंती देवी ने बताया कि सुबह का समय होने के कारण कुछ सदस्य जाग चुके थे, जबकि कुछ जागने ही वाले थे। यदि सभी गहरी नींद में होते तो हादसा और भी भयावह हो सकता था। मकान गिरने से करीब 70 से 80 हजार रुपये के घरेलू सामान के क्षतिग्रस्त होने का अनुमान है।परिवार का यही एकमात्र आशियाना था, जो अब मलबे में तब्दील हो गया।बेघर परिवार फिलहाल रिश्तेदार के घर शरण लेने को मजबूर है। सुखदेव तुरी दैनिक मजदूरी कर आठ सदस्यों का पेट पालते हैं। वहीं, तीन दिन पहले उनकी पत्नी बसंती देवी का एक बीमारी का ऑपरेशन हुआ है और डॉक्टर ने आराम की सलाह दी है। ऐसे में सिर पर छत नहीं बचने से परिवार की चिंता और बढ़ गई है। मौके पर मोहन कुमार समेत अन्य ग्रामीण मौजूद थे। पीड़ित परिवार ने प्रशासन से तत्काल आवास और आर्थिक सहायता की गुहार लगाई है।








