भाजपा प्रतिनिधिमंडल ने एसपी से की निष्पक्ष जांच की मांग, एफआईआर पर पुनर्विचार का आग्रह
जामताड़ा। सदर अस्पताल में एक प्रसूता की इलाज के दौरान हुई मौत के बाद दर्ज प्राथमिकी को लेकर भाजपा का एक प्रतिनिधिमंडल पूर्व सांसद सुनील सोरेन के नेतृत्व में पुलिस अधीक्षक से मिला। प्रतिनिधिमंडल ने ज्ञापन सौंपते हुए मामले की निष्पक्ष जांच कराने तथा भाजपा जिलाध्यक्ष सुमित शरण, पदाधिकारियों और कार्यकर्ताओं के खिलाफ दर्ज एफआईआर पर पुनर्विचार करने की मांग की।
भाजपा नेताओं ने कहा कि अस्पताल में हुई घटना के बाद जनता में आक्रोश था, लेकिन पार्टी कार्यकर्ताओं ने शांतिपूर्ण ढंग से विरोध प्रदर्शन करते हुए कानून-व्यवस्था बनाए रखने और स्वास्थ्य व्यवस्था में सुधार की मांग उठाई। उनका दावा है कि सीसीटीवी फुटेज, सोशल मीडिया और समाचार माध्यमों के वीडियो से स्पष्ट है कि भाजपा कार्यकर्ताओं ने किसी प्रकार की तोड़फोड़, हिंसा या गैर-कानूनी गतिविधि नहीं की, बल्कि भीड़ को शांत करने और प्रशासन का सहयोग करने का प्रयास किया।
प्रतिनिधिमंडल ने आरोप लगाया कि केवल भाजपा नेताओं और कार्यकर्ताओं को निशाना बनाकर प्राथमिकी दर्ज की गई, जो राजनीतिक पूर्वाग्रह से प्रेरित प्रतीत होती है। उन्होंने पुलिस अधीक्षक से सभी इलेक्ट्रॉनिक साक्ष्यों और वीडियो फुटेज की निष्पक्ष जांच कर प्रत्येक व्यक्ति की वास्तविक भूमिका का आकलन करने तथा जिनकी संलिप्तता नहीं है, उनके विरुद्ध दर्ज प्राथमिकी पर विधिसम्मत पुनर्विचार करने की मांग की।
प्रतिनिधिमंडल में पूर्व मंत्री सत्यानंद झा बाटुल,नाला विधानसभा से भाजपा के पूर्व विधानसभा प्रत्याशी माधव चंद्र महतो,बबीता झा, सुरेश राय, बालमुकुंद दास, मोहन शर्मा, अबीता हांसदा सहित कई भाजपा नेता मौजूद थे।








