रांची। झारखंड विधानसभा अध्यक्ष रवींद्रनाथ महतो का सार्वजनिक जीवन सादगी, सौम्यता और जनसेवा के प्रति समर्पण के लिए जाना जाता है। ऊँचे संवैधानिक पद पर होने के बावजूद उनका सहज और विनम्र व्यवहार लोगों के बीच उन्हें अलग पहचान दिलाता है। वे विभिन्न कार्यक्रमों और जनसंपर्क के दौरान लोगों का अभिवादन आत्मीयता से स्वीकार करते हैं तथा सभी वर्गों के लोगों से सरलता और सहजता के साथ संवाद करने का प्रयास करते हैं।
विधानसभा अध्यक्ष के रूप में उन्होंने सदन की गरिमा, लोकतांत्रिक परंपराओं और जनहित को प्राथमिकता देने की दिशा में कार्य किया है। वहीं अपने विधानसभा क्षेत्र में विकास कार्यों के साथ-साथ लोगों के सुख-दुःख में सहभागी बनने की उनकी कार्यशैली भी चर्चा का विषय रही है। यही कारण है कि आम लोगों के बीच उनकी छवि एक सहज और सुलभ जनप्रतिनिधि की बनी हुई है।
कार्यक्रमों के दौरान हाथ जोड़कर किया गया उनका अभिवादन केवल औपचारिकता नहीं, बल्कि भारतीय संस्कृति, जनभावनाओं के सम्मान और सेवा-भाव का प्रतीक माना जाता है। सादगी, शालीनता और जनता के प्रति सम्मान जैसे गुण उनके सार्वजनिक व्यक्तित्व को और अधिक प्रभावशाली बनाते हैं तथा लोकतांत्रिक मूल्यों के प्रति उनकी प्रतिबद्धता को भी रेखांकित करते हैं।









