दुमका वन प्रमंडल को नई दिल्ली में आयोजित तृतीय राष्ट्रीय सतत कृषि शिखर सम्मेलन एवं पुरस्कार-2026 में जल प्रबंधन उत्कृष्टता पुरस्कार से सम्मानित किया गया। यह सम्मान जल संरक्षण, वन संरक्षण और स्थानीय समुदायों की आजीविका को मजबूत करने के क्षेत्र में किए गए उल्लेखनीय कार्यों के लिए दिया गया।
दुमका वन प्रमंडल ने भारत सरकार और झारखंड वन विभाग की विभिन्न योजनाओं के तहत वनीकरण के साथ जल एवं मृदा संरक्षण पर विशेष काम किया। इसके तहत चेक डैम, गैबियन संरचनाएं, कंटूर ट्रेंच और अन्य जल संरक्षण से जुड़े कार्यों को प्रभावी तरीके से लागू किया गया।
इन प्रयासों से वर्षा जल के संरक्षण, भूजल पुनर्भरण और मृदा संरक्षण में मदद मिली। साथ ही क्षेत्र की जैव विविधता को बढ़ावा देने और प्राकृतिक संसाधनों के संरक्षण में भी सकारात्मक प्रभाव देखने को मिला।
वन संरक्षण के साथ स्थानीय समुदायों की आय बढ़ाने के लिए बत्तख पालन, कुक्कुट पालन और अन्य आजीविका गतिविधियों को भी प्रोत्साहित किया गया। इससे ग्रामीण परिवारों को अतिरिक्त आय के अवसर उपलब्ध कराने का प्रयास किया गया।
दुमका वन प्रमंडल के अनुसार जल प्रबंधन, वन संरक्षण और सामुदायिक भागीदारी को एक साथ जोड़कर तैयार किए गए इस मॉडल ने पर्यावरण संरक्षण के साथ टिकाऊ कृषि और ग्रामीण आजीविका को बढ़ावा दिया है। इसी समेकित प्रयास के लिए प्रमंडल को राष्ट्रीय स्तर पर यह सम्मान मिला।









