जामताड़ा। जिले में पुराने ऑफलाइन जन्म एवं मृत्यु प्रमाण-पत्रों के डिजिटलीकरण और सीआरएस पोर्टल के माध्यम से उनकी डिजिटल प्रतियां जारी करने की प्रक्रिया को पारदर्शी एवं सुव्यवस्थित बनाने के लिए संबंधित पदाधिकारियों को आवश्यक निर्देश दिए गए हैं। अधिकारियों को दस्तावेजों की पूरी जांच और अभिलेखों से मिलान के बाद ही डिजिटल प्रति जारी करने को कहा गया है।
पुराने प्रमाण-पत्रों के डिजिटलीकरण के लिए आवेदक को संबंधित रजिस्ट्रार की अनुशंसा सहित आवेदन, पूर्व में जारी ऑफलाइन प्रमाण-पत्र की सत्यापित प्रति, माता-पिता के आधार की स्व-अभिप्रमाणित प्रति, बच्चे के आधार की प्रति तथा जन्म-मृत्यु रजिस्टर के संबंधित पृष्ठ की प्रमाणित छायाप्रति उपलब्ध करानी होगी। दस्तावेजों के सत्यापन के बाद ही सीआरएस पोर्टल पर डिजिटल प्रति जारी की जाएगी।
अधिकारियों को निर्देश दिया गया है कि अधूरे, अस्पष्ट या संदिग्ध आवेदनों की गहन जांच करें। अभिलेखों से मेल नहीं खाने वाले आवेदन अस्वीकृत किए जाएं। गलत सूचना, लापरवाही या फर्जी प्रमाण-पत्र जारी होने की स्थिति में संबंधित रजिस्ट्रार की जिम्मेदारी तय करते हुए नियमानुसार कार्रवाई की जाएगी।
साथ ही नागरिकों से अपील की गई है कि जन्म एवं मृत्यु की प्रत्येक घटना का पंजीकरण समय पर कराएं और प्रमाण-पत्र को सुरक्षित रखें। जन्म प्रमाण-पत्र शिक्षा, आधार व सरकारी योजनाओं सहित कई कार्यों में उपयोगी है, जबकि मृत्यु प्रमाण-पत्र कानूनी एवं प्रशासनिक प्रक्रियाओं के लिए आवश्यक है।








