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संवाद की बैठक में जैविक व समेकित खेती को बढ़ावा देने पर जोर

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संवाद की बैठक में जैविक व समेकित खेती को बढ़ावा देने पर जोर

 

कृषि-पारिस्थितिकी, पर्यावरण संरक्षण और सुरक्षित खाद्य उत्पादन पर हुआ मंथन

 

 

जामताड़ा:फतेहपुर पंचायत भवन के सभा हॉल में रविवार को संवाद संस्था की ओर से कृषि-पारिस्थितिकी (Agroecology) को लेकर एक दिवसीय नेटवर्किंग बैठक आयोजित की गई। बैठक में जैविक खेती, समेकित खेती, पर्यावरण संरक्षण और जलवायु अनुकूल कृषि को बढ़ावा देने पर विस्तार से चर्चा की गई।

बैठक को संबोधित करते हुए घनश्याम जी ने कहा कि वर्तमान समय में खेती के क्षेत्र में प्राकृतिक संसाधनों के संरक्षण पर विशेष ध्यान देने की जरूरत है। मिट्टी की उर्वरता, पानी और पर्यावरण को सुरक्षित रखते हुए ऐसी कृषि पद्धति अपनानी होगी, जिससे किसानों को लंबे समय तक लाभ मिल सके। उन्होंने कहा कि जैविक खेती केवल रसायनों से दूरी बनाने का नाम नहीं है, बल्कि खेती को पशुपालन, मुर्गी पालन, बागवानी और अन्य स्थानीय संसाधनों से जोड़कर एक समेकित कृषि व्यवस्था तैयार करना भी जरूरी है।

उन्होंने कार्यकर्ताओं से गांव-गांव जाकर किसानों के बीच जैविक और समेकित खेती के फायदे पहुंचाने की अपील की। कहा कि किसान अपने खेत, पशु, पानी और उपलब्ध संसाधनों का बेहतर इस्तेमाल करें तो बाहरी लागत को कम करने के साथ-साथ आमदनी के कई रास्ते तैयार किए जा सकते हैं। उन्होंने कहा कि स्वस्थ मिट्टी और सुरक्षित भोजन ही स्वस्थ समाज की बुनियाद है।

 

वहीं विभीषण हेम्ब्रम ने मुर्गी पालन और खाद्य सुरक्षा को लेकर अपने विचार रखे। उन्होंने कहा कि कम समय में मुर्गियों को बड़ा करने के लिए दवाइयों और अन्य साधनों के इस्तेमाल को लेकर सावधानी बरतने की जरूरत है। उन्होंने कहा कि जिस तरह तेजी से उत्पादन बढ़ाने पर जोर दिया जाता है, उसके संभावित प्रभावों को भी समझना जरूरी है। सुरक्षित भोजन और मानव स्वास्थ्य को ध्यान में रखते हुए प्राकृतिक एवं बेहतर कृषि-पशुपालन पद्धतियों को बढ़ावा देना चाहिए।

बैठक में कार्यकर्ताओं ने अपने-अपने क्षेत्र के अनुभव साझा किए और अधिक से अधिक किसानों को जैविक खेती तथा समेकित खेती से जोड़ने की रणनीति पर चर्चा की। साथ ही जलवायु परिवर्तन के प्रभावों से निपटने के लिए स्थानीय स्तर पर सामूहिक प्रयास करने पर जोर दिया गया।

बैठक में कुंदन भगत, बाबुश्वर, इमरान,रजाउल,संतोष, एनी, मिनिला,सुशील,लक्ष्मी,पूर्णिमा,राखी, अफ़ज़ल, शांति गोपाल सहित संवाद संस्था से जुड़े कार्यकर्ता एवं अन्य लोग उपस्थित थे।

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