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मधुपुर में संवाद संस्था ने मनाया विश्व आदिवासी दिवस, निकाली गई जागरूकता रैली

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मधुपुर। विश्व आदिवासी दिवस के अवसर पर रविवार को संवाद संस्था की ओर से मधुपुर में कार्यक्रम का आयोजन किया गया। इस अवसर पर आदिवासी समाज की संस्कृति, परंपरा, अधिकार और जल-जंगल-जमीन के संरक्षण को लेकर जागरूकता रैली निकाली गई।

रैली की शुरुआत पथलचपटी मोड़ से हुई। यहां सिद्धू-कान्हू एवं बाबा साहेब डॉ. भीमराव अंबेडकर की प्रतिमा पर माल्यार्पण कर श्रद्धांजलि दी गई। इसके बाद रैली शहर के विभिन्न चौक-चौराहों से होते हुए आगे बढ़ी।

लोहिया चौक पर राममनोहर लोहिया एवं निर्मल महतो की प्रतिमा, थाना मोड़ पर लोकनायक जयप्रकाश नारायण तथा सुभाष चौक पर नेताजी सुभाष चंद्र बोस की प्रतिमा पर माल्यार्पण किया गया। इसके बाद रैली गांधी चौक पहुंची, जहां महात्मा गांधी की प्रतिमा पर माल्यार्पण कर श्रद्धांजलि दी गई।

रैली में पर्यावरणविद् घनश्याम, अरविंद कुमार, मांझी हाड़ाम ओबेस्वर हांसदा, मुखिया संतोष टुडू, प्रमिला मुर्मू, कुंदन भगत, शमशेर, अरुण, इमरान, रज़ाउल, सुशीला, ललिता, एनी टुडू, वीणा वर्मा, बिनोद, तुहीन, सैफ, अफजल, लक्ष्मी सोरेन, पंकज पियूष, पंकज, प्रदीप, अताउल, सीमा सहित बड़ी संख्या में लोग शामिल हुए।

आयोजकों के अनुसार, रैली में पूरे संथाल परगना के विभिन्न जिलों से आए सैकड़ों लोगों ने हिस्सा लिया। प्रतिभागियों ने हाथों में तख्तियां लेकर “विश्व आदिवासी दिवस जिंदाबाद” सहित आदिवासी समाज के अधिकार, एकता, जल-जंगल-जमीन, पर्यावरण संरक्षण एवं किसान-मजदूरों से जुड़े विभिन्न नारे लगाए।

रैली गांधी चौक से होते हुए मंगलम सभागार, 52 बीघा, मधुपुर स्थित सभा स्थल पहुंची, जहां मुख्य कार्यक्रम आयोजित किया गया। यहां आदिवासी समाज की संस्कृति, परंपरा, पहचान, अधिकार और सामाजिक सरोकारों पर चर्चा की गई। साथ ही जल, जंगल और जमीन के संरक्षण तथा आदिवासी संस्कृति को बचाने का संदेश दिया गया।

कार्यक्रम के माध्यम से आयोजकों ने कहा कि विश्व आदिवासी दिवस केवल उत्सव मनाने का दिन नहीं, बल्कि आदिवासी समाज की पहचान, संस्कृति, अधिकार और प्रकृति के साथ उनके सदियों पुराने संबंध को सम्मान देने का अवसर है।

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