दुमका में 12वां राष्ट्रीय हस्तकरघा दिवस उत्साह और गरिमामय वातावरण में मनाया गया। जिला उद्योग केंद्र परिसर स्थित झारक्राफ्ट क्षेत्रीय कार्यालय में आयोजित कार्यक्रम में बड़ी संख्या में बुनकरों और शिल्पकारों ने हिस्सा लिया।
कार्यक्रम के मुख्य अतिथि उप विकास आयुक्त अनिकेत सचान ने कहा कि दुमका हस्तशिल्प और हस्तकरघा की समृद्ध परंपरा वाला क्षेत्र है। उन्होंने बताया कि जिला प्रशासन, झारक्राफ्ट, रेशम बोर्ड और वस्त्र मंत्रालय के समन्वय से बुनकरों को बेहतर बाजार, आधुनिक डिजाइन, प्रशिक्षण और ई-मार्केटिंग जैसी सुविधाएं उपलब्ध कराने का प्रयास किया जा रहा है। उन्होंने बुनकरों को भरोसा दिलाते हुए कहा, “आप बनाइए, हम बेचने की गारंटी देंगे।”
विशिष्ट अतिथि झारखंड राज्य अल्पसंख्यक आयोग के सदस्य इकरारूल हसन ने हस्तकरघा को स्वदेशी पहचान और सांस्कृतिक विरासत का प्रतीक बताया। उन्होंने अल्पसंख्यक एवं आदिवासी बुनकरों के उत्थान के लिए सहयोग का भरोसा दिया और महिला कारीगरों को डिजाइन, नवाचार एवं विपणन से जोड़ने पर जोर दिया।
कार्यक्रम में बुनकरों की समस्याओं, सरकारी योजनाओं, कौशल विकास, डिजाइन नवाचार और उत्पादों के बाजार विस्तार पर चर्चा हुई। विशेषज्ञों ने स्थानीय उत्पादों को आधुनिक बाजार से जोड़ने के लिए सुझाव भी दिए।
कार्यक्रम में बड़ी संख्या में बुनकर, शिल्पकार और संबंधित विभागों के अधिकारी मौजूद रहे।









